Tuesday, October 20th, 2026

ब्रिटेन के 200 श‍िक्षकों पर चीन के ल‍िए जासूसी का शक

लंदन
ब्रिटेन में शिक्षकों के चीन के लिए 'जासूसी' करने का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। ब्रिटेन की 20 यूनिवर्सिटी के करीब 200 शिक्षक चीन की मदद करने के लिए संदेह के घेरे में आए हैं। इन शिक्षकों के अब जेल जाने का खतरा मंडराने लगा है। खुफिया अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं इन शिक्षकों ने धोखे से चीन को व्‍यापक विनाश के हथियार बनाने में मदद की या नहीं। वहीं प्रतिष्ठित ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी भी विवादित चीनी कंपनी से 7 लाख पाउंड डोनेशन लेकर विवादों में आ गई है।

ब्रिटिश अध‍िकारी शिक्षकों की इस बात की जांच कर रहे हैं कि उन्‍होंने राष्‍ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए बने कानून और मानवाधिकारों का उल्‍लंघन किया या नहीं। जासूसी के इस संदेह में ब्रिटेन के कई चर्चित विश्‍वविद्यालय समेत 20 संस्‍थान लपेटे में आए हैं। इन पर निर्यात नियंत्रण आदेश 2008 के उल्‍लंघन का संदेह है। अगर शिक्षकों को दोषी पाया गया तो उन्‍हें 10 साल जेल की सजा हो सकती है।

'एयरक्राफ्ट, मिसाइल डिजाइन और साइबर वेपन को चीन को भेजा'
निर्यात नियंत्रण आदेश 2008 को सेना और सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील क्षेत्र में दुश्‍मन देश को जानकारी भेजने से रोकने और बौद्धिक संपदा अधिकार के संरक्षण के लिए बनाया गया है। द टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश विद्वानों ने एयरक्राफ्ट, मिसाइल डिजाइन और साइबर वेपन को चीन को भेजा है। अब ब्रिटिश अधिकारी इन 200 संदिग्‍ध लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

 

#जासूसी का शक

Source : Agency

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